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जहां मां-बाप हंसते हैं, उस घर में ईश्वर बसते हैं : आचार्य

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Iजोगीवाला स्थित एकता एन्क्लेव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को समापन हो गया। कथा सुनाने के बाद भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया गया। आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि भगवान विषम परिस्थितियों में भक्त को डालते हैं तो क्षण-क्षण उसे संभालने का दायित्व भी लेते है। दुख से ही वैराग्य का जन्म होता है। कहा कि जिस घर में मां-बाप हंसते हैं, उस घर में ईश्वर बसते हैं। अगर इंसान छांव देने वाले वृक्षों की कद्र ना करे तो धूप उसका नसीब बन जाती है। इस अवसर पर राजेश सेटी, पुष्पा मिंया, शंशाक मिया, नियति मिंया, संस्कृति, समृद्धि, राजेश्वली गुसांई आदि मौजूद रहे।I
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