बिष्ट का आरोप है कि एमडी ने भरी बैठक में उन पर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। यहां तक कहा गया कि क्या कभी अपना चेहरा शीशे में देखा है आपने...। बिष्ट के अनुसार, उन्होंने अपमानजनक टिप्पणियों से आहत होकर वीआरएस के लिए अपना आवेदन एमडी को भेज दिया है
मैंने 36 वर्षों तक जीएमवीएन में सेवाएं दीं। एक मजूबत स्तंभ के रूप में निगम को स्थापित करने के लिए दिन-रात लगा रहा, लेकिन सेवानिवृत्ति के अंतिम दिनों में आला अधिकारी के इस तरह से बेइज्जत करने पर बहुत आहत हुआ हूं। उनके निर्देश पर मैंने वीआरएस का आवेदन भेज दिया है।
तुलसी सिंह बिष्ट, एजीएम, यात्रा कार्यालय जीएमवीएन, ऋषिकेश।
मैं अक्सर सभी से यह कहती हूं कि आप जो कर रहे हैं, उसके हिसाब से अपना चेहरा शीशे में देखें। ऐसा काम करें कि शीशे में अपना चेहरा देखने लायक रह सकें। जहां तक एजीएम तुलसी सिंह बिष्ट के वीआरएस के आवेदन का मामला है, आज शाम अपने ऑफिस से निकलते वक्त तक ये आवेदन मुझे प्राप्त नहीं हुआ था।
ज्योति नीरज खैरवाल, एमडी जीएमवीएन/अपर सचिव पर्यटन।