देहरादून। मालदेवता में बिना अनुमति के लोगों की जान को जोखिम में डालकर काफी दिनों से पैराग्लाइडिंग कराई जा रही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पर्यटन विभाग ने कंपनी का पैराग्लाइड जब्त कर लिया है। विभाग अब कंपनी को ब्लैक लिस्टेट करने की कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए जिला पर्यटन अधिकारी ने पर्यटन निदेशालय को पत्र लिखा है।
साहसिक पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी कंपनी मैसर्स रेंपल पायलेट की ओर से मालदेवता में विगत लंबे समय से पैराग्लाइडिंग कराई जाती है। नियमानुसार प्रदेश में कोई भी साहसिक क्रियाकलाप के लिए पर्यटन विभाग की अनुमति जरूरी है। हैरत की बात यह है कि कंपनी ने पैराग्लाइडिंग के लिए कोई अनुमति नहीं ली है। जो पैराग्लाइडिंग नियमावली का उल्लंघन है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कं पनी का ग्लाईडर जब्त कर लिया है। साथ ही उक्त कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति पर्यटन निदेशालय से की है। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग नियमावली एवं उत्तराखंड यात्रा व्यवसाय नियमावली के प्रावधानों का उल्लघंन किए जाने के कारण संबंधित कंपनी पर नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ यूटीडीबी ने भी कार्रवाई की चेतावनी
मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (सीईओ यूटीडीबी) दिलीप जावलकर ने भी साहसिक क्रियाकलापों एवं यात्रा व्यवयाय के लिए अनिवार्य रूप से अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिना अनुमति साहसिक क्रियाकलाप करने वाली फर्मों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
काफी समय से आ रही थी शिकायत
बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से अवैध तरीके से पैराग्लाइडिंग कराने की शिकायत पर्यटन विभाग को लंबे समय से मिल रही थी। इसके बाद भी पर्यटन विभाग आंखें मूंदे रखा। पर्यटन विभाग के सूत्रों के मुताबित पहले कंपनी की ओर से केवल ट्रेनिंग की बात कही गई थी, लेकिन काफी वक्त से व्यावसायिक तौर पर पैराग्लाइडिंग कराई जा रही थी।