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लड़कियों को पसंद नहीं 'ऐसे' लड़के

Fri, 10 Jan 2014 01:53 PM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में आयोजित साइबर क्लास में पहुंची लड़कियों ने खुद को साइबर क्राइम से सेफ रखने के तरीके तो सीखे ही इसके साथ ही बातो-बातों में बता दिया कि लड़कियों को कैसे लड़के पसंद होते हैं।
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साइबर क्लास सेमिनार में विभिन्न कॉलेजों से आई लड़कियों ने अपनी समस्याएं बताईं। कई ने अपने अनुभव भी शेयर किए। लड़कियों के हौसले से पुलिस अधिकारी दंग थे और उत्साहित भी। असल में, वहां मौजूद लड़कियां साबित कर रही थीं कि वह 21वीं सदी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनके सवाल, अनुभव और जवाबों में जोश था।
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शराबी ब्वॉय फ्रेंड के लिए ना

इस सेमिनार के साइबर क्राइम की पाठशाला लगी। जिसमें विशेषज्ञ एसआई भरत सिंह ने छात्राओं को बताया कि कैसे साइबर क्राइम से उन्हें बचना है। जहां एक तरफ इसके लिए छात्रओं में उत्साह था तो वहीं दूसरी ओर निडरता भी थी।

दूसरों को नसीहत दी
इस दौरान कई लड़कियों ने अपने अनुभवों से दूसरों को नसीहत दी तो कई ने अपने ही परिवार का उदाहरण सबके सामने रखा। शराब उन्मूलन की बात आई तो सभी एक स्वर में बोली कि किसे शराबी ब्वॉय फ्रेंड पसंद है।

छात्राओं ने बताया कि शराब पीकर लड़के अपने को ड्यूड समझते हैं। असल में शराबी केवल दया के पात्र होते हैं। क्योकिं वह एक ऐसी बीमारी से पीड़ित होते हैं जो उनके लिए लाइलाज है।

ऑन लाइन क्राइम बेहद खतरनाक

सेमिनार में कुछ छात्राओं ने अपना डर भी ‌जाहिर किया। इस दौरान साइबर क्राइम की शिकार हुई एक छात्रा ने बताया कहा कि अब स्ट्रीट से ज्यादा ऑनलाइन क्राइम से डर लगता है।

साइबर क्राइम की क्लास
उस छात्रा के चेहरे पर खौफ था लेकिन वह नहीं चाहती कि कोई दूसरी लड़की भी इस दौर से गुजरे। इसलिए वह सेमिनार में बेहिचक बोली और लोग सुनते रहे।

अपनी बात कहने के बाद उसके चेहरे पर दूसरों को जागरुक करने का सुकून साफ झलक रहा था। ऐसे कई अंदाज दिखे साइबर क्राइम की क्लास में। लड़कियों के हौसलों ने रंग जमाया तो हर कोई हैरान रह गया।

इस ट्रिक से खुद को बचा सकती हैं लड़कियां

एसपी क्राइम निविदिता कुकरेती का सेशन भी खासा मनोरंजक रहा। उन्होंने युवाओं को उनके ही स्टाइल में नसीहत दी और सफल होने का गुरुमंत्र भी।

उन्होंने कहा कि ‘बच्चों तुम में और हम में, बस एक फर्क है। हम एम टीवी के दौर के हैं और तुम हनी सिंह के।’ लाइफ में मस्ती और मौज कौन नहीं लेना चाहता, लेकिन अनुशासन भी जरूरी है। अनुशासन ही जीवन में आगे लेकर जाएगा। क्योंकि अगर आप अनुशासन में रहोगे तो किसी अनहोनी की आशंका नहीं रहेगी।
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जब बेटियों ने संभाला मोर्चा

सेमिनार में आत्मरक्षा-सुरक्षा के टिप्स के साथ लड़कियों ने वर्दी पहन ली और मोर्चा भी संभाला। उन्होंने क्राइम की कहानी समझी और बंदूक थामकर अपने इरादे जता दिए।

बेटियों ने सुरक्षा नेटवर्क की बारीकियां समझने के साथ पुलिस को थैंक्स कहकर गुरुमंत्र की दक्षिणा भी दे डाली। पुलिस लाइन में आयोजित महिला सुरक्षा जागरुकता अभियान में दूसरे दिन भी शहर भर के छात्राओं की अच्छी खासी भीड़ रही।

सशस्त्र टुकड़ियों से भी रूबरू कराया
छात्राओं को पुलिस की सशस्त्र टुकड़ियों से भी रूबरू कराया गया। उत्साहित छात्राओं ने मॉकड्रिल में शामिल होने की इच्छा जताई तो पुलिस भी मान गई। लड़कियों ने बुलेट प्रूफ जैकेट्स पहने और वर्दी की शान भी बघारी। उसके बाद उन्हें बचाव के गुर भी सिखाए गए।

छात्राओं को अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के बारे में भी बताया गया। अधिकारी इस बात से हैरत में थे कि पूरे हाल में किसी भी छात्रा को यह नहीं पता था कि एलआईयू होती क्या है।

जब उन्हें बताया गया कि एलआईयू इंटेलिजेंस का काम करती है और यह पुलिस का सबसे महत्वूपर्ण अंग है तो छात्राओं ने एलआईयू का मुखबिर बनने की भी इच्छा जताई। सेमिनार का संचालन सीओ लाइन जया बलूनी ने किया। एसएसपी केवल खुराना ने बच्चों को आत्मसुरक्षा के टिप्स दिए।
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