मामले की जांच के बाद 27 फरवरी को बालिका और उसकी मां को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। पीड़ित बालिका ने बताया कि उसकी मां कई वर्षों से उसका उत्पीड़न कर रही है, उसे बर्बरता से पीटती है, इसलिए वह अपने घर नहीं जाना चाहती। बालिका की गुहार पर उसे बालिका निकेतन भेज दिया गया है। बताया गया है कि बालिका का पिता दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी छोटी बहन दस साल की है। मां के साथ ही बहन का बर्ताव भी उसके साथ ठीक नहीं है। बालिका के उत्पीड़न का यह मामला डेढ़ वर्ष पहले भी अगस्त्यमुनि थाना पुलिस के सामने आया था।
तब बालिका के पिता के आश्वासन पर मामला शांत हो गया था, लेकिन बालिका के साथ उसकी मां का व्यवहार फिर भी नहीं बदला। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले में बालिका के पिता को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। पुलिस मामले का बारीकी से परीक्षण कर रही है, बालिका की सुरक्षा के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।