मसूरी के एक स्कूल से बिना बताए जाने की योजना बनाने वाली छात्रा के एसआईटी अभी बयान नहीं ले सकी है। बृहस्पतिवार को छात्रा को मसूरी पहुंचना था, मगर किन्हीं कारणों से वह नहीं आ सकी।
माना जा रहा है कि इस छात्रा के बयानों से ही कुछ बड़ा खुलासा हो सकता है। इसके अलावा जांच टीम ने स्कूल प्रबंधन व व्यवस्थाओं के संबंध में लगाए गए आरोपों (रैगिंग और शारीरिक शोषण) की जांच कर ली है। प्रथमदृष्टया जांच में इन आरोपों की पुष्टि हो रही है। जांच टीम को 23 जून तक रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी है।
अप्रैल में मसूरी के एक स्कूल से चार छात्राएं बिना बताए चली गईं थीं। इसके अगले दिन वे गाजियाबाद में अपने घर पहुंच गई थीं। वहां से वे परिजनों के साथ मसूरी लौटी और स्कूल में वरिष्ठ छात्राओं पर रैगिंग और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद महिला एवं बाल आयोग के सदस्यों ने स्कूल पहुंचकर जांच की तो कई बड़े खुलासे हुए। इनमें छात्राओं के आरोपों की काफी हद तक पुष्टि हुई। आयोग ने यह रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी, जिसके बाद मुख्यालय ने जांच टीम का गठन कर जांच डीएसपी जया बलूनी को सौंप दी। डीएसपी बलूनी इस मामले में 20 दिन से जांच कर रही हैं।
इस दौरान उन्होंने छात्राओं के स्कूल से जाने का रास्ता, रहने की व्यवस्था, स्नान व प्रसाधन की व्यवस्था आदि की जांच की। सूत्रों के मुताबिक इस जांच में भी महिला एवं बाल आयोग की जांच में जो तथ्य सामने आए उनकी पुष्टि हो रही है। इसके अलावा छात्राओं और उनके परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस बाबत डीएसपी बलूनी ने बताया कि चार में से तीन छात्राओं के बयान लिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल से जाने की योजना एक छात्रा ने बनाई थी, जो अभी स्कूल नहीं लौटी है।
जिन छात्राओं के बयान लिए गए हैं उन्होंने यही बात कही है कि पूरा प्लान उसी छात्रा का था। डीएसपी बलूनी के अनुसार इस छात्रा को बृहस्पतिवार को मसूरी आना था, मगर वह नहीं आई। उसके परिजनों से बात कर जल्द मसूरी आने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट नियत समय पर मुख्यालय भेज दी जाएगी।