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एक दिन स्कूल न आने पर मिली सात दिन के निष्कासन की सजा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

Thu, 21 Nov 2019 08:21 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की

सार

  • बीमारी की वजह से 19 नवंबर को स्कूल नहीं पहुंच पाई थी छात्रा
  • स्कूल प्रबंधक ने छात्रा को सात दिन कक्षा में नहीं आने का सुनाया फरमान
  • उपशिक्षाधिकारी ने प्रधानाचार्य को नोटिस देकर मांगा तीन दिन में जवाब
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड में रुड़की के सेंटऐंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्रा को एक दिन स्कूल न आने की सजा के तौर पर सात दिन के निष्कासन का तुगलकी फरमान सुना दिया गया है। मामला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ तो शिक्षा विभाग तक जा पहुंचा। इसपर प्रभारी उप शिक्षाधिकारी ने स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। 

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बुधवार को रुड़की के सेंटऐंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल का एक मामला सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। इसमें एक अज्ञात अभिभावक की ओर से एक पोस्ट डाली गई थी। पोस्ट में अभिभावक ने बताया था कि उसकी बेटी सेंटऐंस स्कूल की छात्रा है।

उनकी बेटी स्वास्थ्य खराब होने के चलते 19 नवंबर को स्कूल नहीं जा पाई थी। 20 नवंबर यानी बुधवार को जब उनकी पत्नी बच्ची को छोड़ने स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रबंधन ने 19 नवंबर को न आने का हवाला देते हुए 26 तक स्कूल न आने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया।

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घर लौटकर पत्नी ने पति को मामले की जानकारी दी। इसपर अभिभावक ने अपनी पीड़ा पूरे किस्से के रूप में लिखकर सोशल मीडिया में पोस्ट की। कुछ ही देर में छात्रा को सुनाए गए तुगलकी फरमान का यह मामला वायरल हो गया।

सोशल मीडिया में वायरल यह मामला शिक्षा विभाग तक जा पहुंचा। इसपर प्रभारी उप शिक्षाधिकारी बृजपाल सिंह राठौर ने इस मामले को स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल प्रकरण को लेकर तीन दिन में जवाब मांगा है।

वहीं चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिन के अंदर जवाब नहीं मिलता है तो बोर्ड को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। इस बाबत जब स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए बात करनी चाही तो किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। मामले में जब भी स्कूल का पक्ष आएगा तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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