स्कूल की छुट्टी के बाद घर जा रही एक छात्रा कर्णप्रयाग के लगांसू बाजार में डाट पुलिया से नीचे जा गिरी। पुलिस और स्थानीय लोग छात्रा को सीएचसी कर्णप्रयाग ले गए लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। छात्रा राइंका लंगासू में कक्षा 12 में पढ़ती थी।
लंगासू के चौकी प्रभारी नवीन नेगी ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज लंगासू में अध्ययनरत छात्रा रश्मि राणा (16) पुत्री अमर सिंह राणा, दोपहर को स्कूल की छुट्टी के बाद घर देवलीबगड़ लौट रही थी। वह लंगासू में शिव मंदिर के पास डाट पुलिया से गुजर रही थी कि अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे पत्थरों के बीच जा गिरी। गिरने से छात्रा के सिर पर गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, स्थानीय लोगों और स्कूल के शिक्षकों ने छात्रा को खाई से निकाला। वह रश्मि को प्राइवेट वाहन से सीएचसी कर्णप्रयाग ले जा रहे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत की खबर से शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। लोगों ने बताया कि डाट पुलिया के किनारे लोहे के गार्डर नहीं लगाए गए हैं, जिससे पैदल आवाजाही करने वालों के गिरने का खतरा बना रहता है।
किसी भी पुलिया के किनारे नहीं लोहे के गार्डर
बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग से चमोली तक उमट्टा, सिरोली, लंगासू और विराजकुंज में तंग पुलिया होने से पैदल चलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ताजवर नेगी, मनोज असवाल, कैलाश खंडूड़ी, जगदंबा मैखुरी, रेखा नेगी, उमेश डिमरी, आशाराम मैखुरी आदि ने बताया कि इन सभी पुलिया के किनारे लोहे के गार्डर नहीं हैं, जिससे वाहन आने की दशा में पैदल चलने वाले लोगों के गिरने का डर बना रहता है। इसके अलावा कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया की पहाड़ियों पर बनी चट्टानेें भी खतरनाक बनी हैं। कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर सुभाषगर में घटगाड़ गदेरे पर बनी पुलिया हादसे को न्योता दे रही है