एसओ रायपुर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि लड़की के परिजनों के बारे में इंश्योरेंस एजेंट के परिवार को कुछ पता नहीं है। वह 10 साल से उनके साथ रह रही थी। इतनी जानकारी जरूर है कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी।
चूंकि, अभी परिवार का पता नहीं है तो उसके शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम और अगली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
उम्र की भी होगी वैज्ञानिक तरीके से जांच
इंश्योरेंस एजेंट का परिवार लड़की की उम्र लगभग 21 साल बताई जा रही है। असल उम्र के बारे में जानकारी नहीं है। एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि उसकी उम्र का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही डीएनए के लिए सैंपलिंग भी कर ली गई है।
गार्ड थे लड़की के पिता
पुलिस के अनुसार इंश्योरेंस एजेंट का परिवार इतना जानता है कि लड़की के पिता शहर में एक कॉलोनी के बाहर गार्ड थे। वहां पर वह भी रहा करते थे। एक दिन गार्ड उनके पास आया और कहने लगा कि उसकी तीन संतानें हैं और पालने के लिए धन की कमी है।
लिहाजा, उन्होंने अपनी बड़ी बेटी को पालने का आग्रह किया। उस वक्त लड़की की उम्र करीब 11 वर्ष बताई गई थी। इसके बाद गार्ड का परिवार कुछ दिनों में ही बिहार चला गया। फिर कोई संपर्क उनसे नहीं हुआ।