ऋषिकेश में परिजनों की डांट से क्षुब्ध बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा ने गंगा में छलांग लगा दी। घाट किनारे टहल रहे शहर के दो लोगों ने जान पर खेलकर कड़ी मशक्कत के बाद छात्रा को नदी में डूबने से बचा लिया।
पीड़िता को बेसुध हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और परिजनों ने छात्रा की जान बचाने वाले दोनों युवकों की जमकर सराहना की है। बृहस्पतिवार शाम वीरभद्र मार्ग पर स्थित स्ट्रर्डिया फैक्ट्री के सामने गली नंबर आठ पर बने घाट पर टहल रहे आवास विकास निवासी मोबिन अली और आशुतोष नगर निवासी आशुतोष शर्मा को गंगा में एक किशोरी डूबती दिखाई दी।
उन्होंने जान की परवाह किए बगैर गंगा में छलांग लगाई और किशोरी को सकुशल बचाकर पानी से बाहर ले आए। सूचना पर पहुंची 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा से बेसुध हालत में किशोरी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद किशोरी की हालत खतरे से बाहर बताई।
पुलिस ने किशोरी की पहचान ज्योति (17) पुत्री महिपाल सिंह निवासी चौदह बीघा के रूप में कराई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि किशोरी डोईवाला पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। परिजनों ने किसी बात पर उसे फटकार लगाई थी, जिससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे और उन्होंने किशोरी की जान बचाने वालों का आभार जताया।
सम्मानित होंगे जांबाज
खुद की जान को खतरे में डालकर गंगा में डूब रही छात्रा को बचाने वाले जांबाज मोबिन अली और आशुतोष शर्मा को पुलिस सम्मानित करेगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी चक्रधर अंथवाल ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने सार्वजनिक कार्यक्रम में किशोरी की जान बचाने वालों को सम्मानित करने की घोषणा की है।
नए कपड़े मंगवाकर पहनाए
जान बचाने वालों ने बताया कि किशोरी पानी में पूरी तरह भीग चुकी थी। ठंड के चलते वह कांप रही थी। ऐसे में कोई अनहोनी नहीं हो जाए इसलिए तत्काल गर्म कपड़े खरीदकर लाए और महिला पुलिस की मदद से किशोरी के कपड़े बदलवाए। उन्होंने किशोरी की जान बचने पर ईश्वर का धन्यवाद अदा किया।