जानकारी के मुताबिक शुक्रवार देर रात डुंडा ब्लॉक स्थित एक गांव की 12 वर्षीय दलित बालिका हैवानियत का शिकार बनी। वारदात के वक्त वह अपने घर में सो रही थी।
इस बीच कुछ अज्ञात लोग घर की बिजली गुल कर उसे उठा ले गए। घटना के वक्त पीड़िता की बड़ी बहन रिश्तेदारी में गई हुई थी। घर में केवल माता-पिता थे। मां मानसिक रूप से कमजोर है, जबकि पिता को सुनाई नहीं देता। जिससे घर में अज्ञात लोगों के आने और बालिका को उठा ले जाने की उनको भनक तक नहीं लग पाई।
शनिवार सुबह पांच बजे गांव के लोग देवीधार-रनाड़ी मोटर मार्ग से गुजर रहे थे, तो उन्हें बालिका की लाश दिखाई पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बालिका के गुप्तांगों समेत पूरे शरीर पर जख्मों के कई निशान थे। इससे लोगों को यह भांपते देर नहीं लगी कि बालिका के साथ हुआ क्या है?
पलक झपकते यह खबर जंगल की आग की तरह बालिका के गांव समेत आस-पास के इलाके में फैल गई। थोड़ी ही देर में वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
आग-बबूले हो रहे गांव वालों ने वहीं पुल पर बालिका की लाश के पास जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। घटना स्थल पहुंचे विधायक गोपाल रावत, डीएम डा. आशीष चौहान व एसपी सुखवीर सिंह ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया। खैर, करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
बालिका की लाश कब्जे में लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची, पीछे-पीछे गांव वाले भी वहां पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच खबर मिली कि पुलिस ने कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है। इस पर क्रोध से भरे गांववाले आरोपियों को उनके हवाले करने या फिर फांसी की सजा देने की मांग करने लगे। समाचार लिखे जाने तक जिला अस्पताल में ग्रामीण डटे हुए हैं।
नाबालिग का अपहरण कर उससे दुष्कर्म और हत्या के आरोप में राजस्व पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
राजस्व पुलिस ने मामला रेगुलर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक हरीशचंद अमवाल ने बताया कि पीड़िता के ताऊ की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भादंसं की धारा 302, 376 व 363 तथा 3/4 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बालिका के शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद मामला रेगुलर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
मामले में परिजनों एवं ग्रामीणों ने शनिवार तड़के गांव से गए पांच मजदूरों पर शक जताया है। बताया जा रहा है कि मजदूर गांव के पास ही काम करते थे और शुक्रवार को अपना हिसाब लेकर शनिवार तड़के गांव चले गए।
यह मजदूर गांव के ही एक टैक्सी चालक की टैक्सी बुक कराकर ले गए। पुलिस ने उत्तरकाशी-देहरादून मोटर मार्ग के सभी थाने-चौकी एवं बैरियरों को अलर्ट कर दिया। टिहरी पुलिस ने थत्यूड़ के पास से पांचों मजदूरों को हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक पुलिस पूछताछ में ये मजदूर आरोपों से इनकार कर रहे हैं। वहीं उत्तरकाशी में जनाक्रोश को देखते हुए आरोपियों को उत्तरकाशी भी नहीं लाया जा रहा है। वहीं घटना स्थल से कुछ साक्ष्य जुटाकर पुलिस की एक विशेष टीम पूछताछ के लिए टिहरी रवाना हो गई है।
जघन्य हत्याकांड को लेकर पुलिस एवं प्रशासन अलर्ट है। आरोपी मजदूरों से टिहरी में पूछताछ की जा रही है। साथ ही हत्याकांड के अन्य पहलुओं को भी टटोला जा रहा है। मामला राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
- डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।