उत्तराखंड हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर छात्रा ने चुन्नी के सहारे पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी। परिजन गुपचुप तरीके से शव पैतृक गांव ले गए। जहां छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। छात्रा मूल रूप से जौनसार बावर के एक गांव की रहने वाली थी।
जानकारी के अनुसार छात्रा देहरादून स्थित एक स्कूल में कक्षा दस की छात्रा थी। वह वहां अपनी बहन के साथ रहती थी। इन दिनों वह कालसी स्थित वन विभाग में कार्यरत अपने चचरे भाई के यहां आई हुई थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार की दोपहर को उसने अपना परीक्षाफल देखा।
जिसमें वह अनुत्तीर्ण रही। जिससे छात्रा को गहरा सदमा लगा। इस दौरान छात्रा का भाई ड्यूटी पर गया हुआ था जबकि, भाभी किसी काम से हरिपुर गई हुई थी। जब भाभी घर लौटी तो छात्रा का पंखे से लटका शव देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग भी घर की ओर दौड़ पड़े। आनन-फानन में पंखे से लटकी छात्रा को नीचे उतारा गया और इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष रितुराज ने छात्रा के सुसाइड करने की किसी भी घटना की जानकारी होने से इंकार किया।