गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन पर चार कंपनियों में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षरों के जरिए रेखा आर्या को निदेशक पद से हटाने समेत कई गंभीर आरोप हैं। कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही गिरधारी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देश पर नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई थी। टीम लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार कई शहरों की खाक छानने के बाद पुलिस उसे उत्तराखंड ले आई।
बीहड़ में छिपने की कोशिश
उत्तराखंड पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए गिरधारी ने सिर्फ नेपाल ही नहीं बीहड़ में भी शरण लेने की योजना बनाई थी। सूत्रों की मानें तो गिरधारी का कुख्यात अपराधियों से भी संपर्क है। उसी नेटवर्क के जरिये उसने बीहड़ में भी छिपने की योजना बनाई थी। हालांकि वह झांसी से चंबल के बीहड़ों तक जा पाता उससे पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।