ईद के दिन उत्तराखंड में जमकर प्रकृति की नेमत बरसी है। पिछले दो महीनों से बिजली संकट से जूझ रहे उत्तराखंड को थोड़ी राहत मिल गई है।
उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी सूचना है। बारिश की गति कम होने से नदियों में मलवा और कीचड़ आना बंद हो गया है, जिसके कारण शुक्रवार को ईद के मौके पर 2.08 करोड़ यूनिट बिजली का रिकॉर्ड उत्पादन किया गया।
2013 में नहीं बनी इतनी बिजली
2013 में अब तक इतनी यूनिट किसी भी दिन बिजली नहीं बनाई गई। उत्तराखंड जल विद्युत निगम प्रबंधन (यूजेवीएनएल) ने उम्मीद जाहिर की है कि अब आने वाले दिनों में लोगों को बिजली संकट के लिए सितंबर तक नहीं जूझना पड़ेगा।
2013 में गर्मी के मौसम में अधिकतम 1.70 करोड़ यूनिट तक बिजली का उत्पादन किया गया था। इसके बाद उत्पादन में लगातार उतार चढ़ाव बना रहा, जिसके कारण पिछले कई माह से प्रदेश को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
करोंडों की हो रही थी बिजली खरीद
रोजाना करोड़ों की बिजली खरीद और घंटों कटौती करने के बावजूद स्थिति पटरी पर नहीं आ पा रही थी। इसको लेकर लगातार हो हल्ला मच रहा था। 16 जून को प्राकृतिक आपदा आने के बाद तो स्थिति और भी भयंकर हो गई थी।
इसे संभाल पाना ऊर्जा निगम के अधिकारियों को मुश्किल हो रहा था। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक जीसी पटेल ने बताया कि मौसम ठीक होने के कारण उत्पादन ठीक हो गया है।
मौसम ने साथ दिया तो दूर होंगी परेशानी
आगे भी मौसम ठीक रहा तो बिजली संकट के लिए प्रदेश को जूझना नहीं पड़ेगा। क्योंकि, एक करोड़ यूनिट के आसपास सेंट्रल पुल से शेयर मिल जाता है।
ऐसे में मांग और आपूर्ति बराबर हो जाती है। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त को 2.08 करोड़ यूनिट बिजली का सबसे अधिक उत्पादन किया गया। यह इस साल का रिकॉर्ड उत्पादन है।