सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को सड़क खोलने के लिए तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिए। बीआरओ के कर्मचारी बोल्डर को तोड़ने के लिए ड्रिलिंग कर रहे हैं। दारमा दीलिंग सेवा समिति के महासचिव पूरन ग्वाल, गर्ब्यांग निवासी सतीश गर्ब्याल ने बताया कि दोबाट में मार्ग बंद होने से 18 अगस्त से दांतू में होने वाली गबला देव मेले की तैयारी को जा रहे अधिकतर लोगों को लौटना पड़ा।
खेला निवासी कमला धामी का कहना था कि राखी की खरीदारी करने के लिए वे लोग सुबह घर से धारचूला के लिए निकले थे। इतना बड़ा बोल्डर गिरा है कि एक-दो दिन में भी मार्ग खुलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है। वे लोग जैसे-तैसे धारचूला तो पहुंच गए, लेकिन घर वापसी में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उधर, थल-मुनस्यअरी मार्ग बनिक में मलबा आने से शुक्रवार की रात से बंद था। शनिवार सुबह 11 बजे सड़क में यातायात बहाल हुआ। नाचनी थाना पुलिस ने बनिक में लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई है।
सात अगस्त की तेज बारिश में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तांथर का प्रांगण पूरी तरह ध्वस्त होने से स्कूल में कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। कक्षाओं का संचालन तांथर गांव के भरत सिंह बोरा के आवास में किया जा रहा है। स्कूल में 15 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
स्कूल की प्रधानाध्यापक माया फिरमाल ने स्कूल का प्रांगण ध्वस्त होने की सूचना शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दी है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दलीप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय भवन की सुरक्षा करने की मांग की है।