‘मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग मिलते गए और कारवां बनता गया।’ अमर उजाला नेत्रदान जागरूकता अभियान के ‘महायज्ञ’ में जुड़ने वालों की संख्या हजारों में पहुंच गई है।
लोग बराबर इस अभियान से जुड़ते जा रहे हैं। जौलीग्रांट हिमालयन इंस्टीट्यूट में नेत्रदान के लिए शपथ पत्र भरने वालों की संख्या चार हजार का आंकड़ा पार कर गई है।
नेत्रदान संबंधी जागरूकता अभियान में समाज के हर वर्ग ने आना शुरू कर दिया है। हिमालयन अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के आई बैंक प्रभारी डा. नीती गुप्ता ने बताया कि विभाग में अभी तक 4270 लोगों ने शपथ पत्र भरे हैं।
इन्हें सुरक्षित रख लिया गया है। जिन लोगों ने शपथ पत्र भरे हैं, उन्हें पोस्ट के माध्यम से आई डोनेशन कार्ड भेज दिया जाएगा।
...दूसरों की आंखों को भी मिले रोशनी
कार्निया प्रत्यारोपण से आंख में रोशनी पाने के बाद सहारनपुर के अशोक जैन में नेत्रदान करवाने का जुनून पैदा हो गया। वह बीएएमएस डाक्टर भी हैं। पार्थिव शरीर से खुद आंखें निकालते हैं और एमके मीडिया में रखकर अस्पताल तक पहुंचा देते हैं। जौलीग्रांट के हिमालयन अस्पताल के नेत्ररोग विभाग के आईबैंक को उन्होंने 30 नेत्र दान करवाएं हैं।
डा. जैन बताते हैं कि वह आईएएस की तैयार कर रहे थे। बॉक्सिंग में उनकी गहरी दिलचस्पी थी। एक बार रिंग में एक पंच उनकी आंख में लग गया।
कार्निया में खराबी आई और रोशनी चली गई। कार्निया प्रत्यारोपण से आंख में रोशनी लौट आई। फिर उन्होंने बीएएमएस किया। उसके बाद से नेत्रदान अभियान में जुट गए। अब तक कुल 229 नेत्रदान करवाए हैं।
इनके हौसले को सलाम
मॉडल कालोनी में रहने वाली चंद्रावती अग्रवाल (75) शनिवार शाम एक किशोर को साथ लेकर ‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंची। चंद्रावती ने यहां पहुंचकर नेत्रदान का संकल्प लिया। इसके अलावा छात्रों ने 101 लोगों का नेत्रदान के लिए पंजीकरण कराने संकल्प लिया है।
‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंची चंद्रावती अग्रवाल ने बताया कि वह काफी दिनों से नेत्रदान के लिए पंजीकरण कराने का मन बनाए थी। लेकिन, बुजुर्ग होने के चलते वह जिला अस्पताल तक नहीं जा सकती हैं।
रंग ला रही अमर उजाला की मुहिम
‘अमर उजाला’ की ओर से जिला अस्पताल से नेत्रदान का पंजीकरण फॉर्म मंगाकर चंद्रावती अग्रवाल को मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि वह आसपास पड़ोस की कई महिलाओं को नेत्रदान के लिए तैयार कर चुकी हैं।
वहीं छात्र नेता वरुण बालियान ने भी शनिवार दोपहर ‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंचकर मुहिम को समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि छात्रों के बीच इस मुहिम को लेकर जाएंगे। उन्होंने साथी छात्रों के साथ 101 नेत्रदान के पंजीकरण कराने का संकल्प लिया।
जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. सुब्रत अरोड़ा ने बताया कि ‘अमर उजाला’ के अभियान के बाद से उनके पास बड़ी संख्या में लोग नेत्रदान के लिए पंजीकरण कराने पहुंच रहे हैं। शनिवार शाम तक 23 लोग उनके यहां से फॉर्म हासिल कर चुके हैं।
पूजा की खबर से प्रेरित हुई 12 साल की सान्या
सैनिक कालोनी निवासी 12 साल की सान्या गांधी ने भी नेत्रदान की इच्छा जताते हुए शपथपत्र भरा है। याना सोसाइटी के सचिव डॉ. सुरजीत सिंह के पूरे परिवार ने नेत्रदान के लिए शपथपत्र भरा।
उनकी पत्नी बलविंद्र कौर और 12 साल की बेटी सान्या भी शामिल है। सान्या सेंट ऐंस स्कूल में कक्षा सात की छात्रा है। 12 साल की सान्या का कहना है कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर मैंने आपदा देखी, तुम दुनिया देखना खबर पढ़ने के बाद उनके मन में यह इच्छा जागृत हुई।
अगर आप नेत्रदान को लेकर कोई जानकारी चाहते हैं तो कृपया निम्न मोबाइल नंबर पर संपर्क करें- रामशरण चावला- 9690063333