प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय उच्चतर शिक्षा विभाग के 17 जनवरी 2019 के पत्र के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण के अतिरिक्त वर्तमान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए दस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
इसके लिए छात्रों की कुल संख्या में वृद्धि की जाएगी। ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण के बाद संख्या पूर्ववर्ती एकेडमिक सत्र की तरह रहे। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग उत्तराखंड शासन की सात मार्च 2019 की अधिसूचना द्वारा उत्तराखंड लोक सेवा विधेयक 2019 को जारी करते हुए लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित व्यक्तियों के लिए सीधी भर्ती में दस फीसदी पदों को आरक्षित किया जाएगा।