देहरादून। गढ़वाली साहित्यकार मोहनलाल नेगी का सोमवार को राजेंद्रनगर स्थित आवास पर निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल गुसाईं न अन्य ने गहरा शोक जताया है। मोहन लाल नेगी ने लेखनी के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। संस्कृति संरक्षण में काफी योगदान रहा दिया। इसके अलावा ‘जोनि पर छापु किलै अर्थात चांद पर दाग क्यों’, ‘बुरांस की पीड़’, सुनैना व अन्य पुस्तकें लिखी हैं। शोक व्यक्त करने वालों में महिपाल सिंह नेगी, शूरवीर रावत, चंदन सिंह नेगी, सत्यानंद बडोनी, अधिवक्ता शांति प्रसाद भट्ट शामिल रहे।