पांच हजार से अधिक चुनाव खर्च पर रोक
चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी को अधिकतम 5,000 तक चुनावी खर्च करने की अनुमति होगी। इससे अधिक खर्च करने पर प्रत्याशी का निर्वाचन निरस्त किया जा सकता है। प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह के भीतर अपने चुनावी खर्च का प्रमाणित लेखा-जोखा मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। प्रत्याशी के लिए अपनी कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति भी अनिवार्य रखी गई है। चुनाव प्रक्रिया में लिंगदोह समिति की संस्तुतियों एवं विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र हित में जारी संशोधनों और निर्देशों का पालन किया जाएगा। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मतदान के दिन परिसर में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लेकर प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्याशी के विरुद्ध कार्रवाई के साथ उसका नामांकन/निर्वाचन अवैध घोषित किया जा सकता है।
बराबर मत मिलने की स्थिति में लॉटरी से होगा फैसला
यदि चुनाव परिणाम में किसी पद के लिए दो या दो से अधिक प्रत्याशियों को समान मत प्राप्त होते हैं, तो ऐसी स्थिति में लॉटरी (ड्रा) प्रक्रिया के माध्यम से विजेता घोषित किया जाएगा। इस चुनाव कार्यक्रम के जारी होने के साथ ही बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक एवं छात्र गतिविधियां तेज होने की संभावना है।