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गढ़वाल विवि ने कॉलेजों में निरीक्षण पर लगाई रोक

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देहरादून। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों में निरीक्षण पर रोक लगा दी है। अब किसी भी कॉलेज की एफिलिएशन के लिए कोई भी विशेषज्ञ टीम निरीक्षण करने नहीं जाएगी। विवि ने यह फैसला निरीक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और इसकी सीबीआई जांच के बाद लिया गया है।
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गढ़वाल विवि से संबद्ध कॉलेजों में हर साल विवि की टीमें निरीक्षण करने जाती हैं। उनके निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों को नई सीटें या पुरानी सीटों की दोबारा संबद्धता दी जाती हैं। पूर्व कुलपति प्रो. जेएल कौल के कार्यकाल में संबद्धता, सीट बढ़ोतरी और निरीक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं थीं। इस मामले में विवि के तमाम प्रोफेसर सीबीआई जांच की जद में आ गए थे। कई कॉलेजों को नियम विरुद्ध एफिलिएशन देने का भी मामला प्रकाश में आया था। इन सभी विवादों के बाद गढ़वाल विवि ने संबद्धता के लिए निरीक्षण की प्रक्रिया ही बंद कर दी है। इसके साथ ही बिना निरीक्षण संबद्धता देने वाला गढ़वाल विवि इस प्रदेश का पहला विवि बनने जा रहा है।
इनसेट
वेबपोर्टल तैयार, 26 को लांचिंग
गढ़वाल विवि ने अब संबद्धता के सभी मामलों के लिए एक वेबपोर्टल तैयार किया है। 26 अगस्त को इसकी लांचिंग होगी। इसी पोर्टल के माध्यम से कोई भी संस्थान संबद्धता के लिए आवेदन कर सकेगा। सीट बढ़ोतरी के लिए भी इससे आवेदन होगा। कॉलेज को पोर्टल पर इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर टीचरों की बायोमीट्रिक हाजिरी तक की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद विवि स्तर से इन सभी जानकारियों की जांच की जाएगी। तभी संबद्धता से जुड़ा कोई फैसला होगा।
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बयान
अब हमारी कोई भी टीम किसी भी सरकारी या निजी कॉलेज में निरीक्षण करने नहीं जाएगी। हमने इस पर रोक लगा दी है। एक वेबपोर्टल तैयार किया है। इसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया होगी, जिसमें पूर्ण पारदर्शिता रहेगी। -प्रो. एके झा, कुलसचिव, गढ़वाल विश्वविद्यालय
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