विवि ने फैसले का खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। अब विगत दो जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भी शर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसमें विवि प्रशासन को शर्मा के सभी देयकों पेंशन आदि के 12 फीसदी ब्याज के साथ दो सप्ताह के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।
शर्मा ने बताया कि कोर्ट के इस आदेश से उन्होंने कुलसचिव व कुलपति को मेल के माध्यम से अवगत करा दिया है। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि शर्मा के पक्ष में कोर्ट का फैसला आने की जानकारी उन्हें मिली हैं, लेकिन उन्होंने अभी फैसला पढ़ा नहीं है।
जांच समिति पर करेंगे मानहानि दावा
डा. शर्मा ने बताया विवि प्रशासन ने उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। कमेटी ने बिना जांच के ही उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को गलत बताते आरोप पत्र तय कर दिया था। उक्त कमेटी में वर्तमान कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल भी सदस्य थीं। शर्मा ने उक्त कमेटी के खिलाफ मानहानि का दावा करने की बात कही है।