नहीं गिरी बर्फ, जमने लगा पानी
पार्क के उप निदेशक आरएन पांडे ने बताया कि लंबी दूरी गश्त पर निकली वन कर्मियों की टीम ने जानकारी दी है कि अभी पार्क के ऊंचाई वाले क्षेत्रों व चोटियों पर ताजा बर्फबारी नहीं हुई है। हालांकि तापमान माइनस में पहुंचने से पानी जमने लगा है। कई जगह झरने और नदियों का जल जम चुका है।
हिम तेंदुए सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का है घर
वर्ष 1989 में स्थापित गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र 2390 वर्ग किमी में फैला हुआ है, जो कि हिम तेंदुए सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का घर है। वर्ष 2017 में यहां दो ट्रैप कैमरों में पहली बार दुर्लभ अरगली भेड़ भी कैद हुई थी। इसके अलावा यहां भूरा भालू, काला भालू, लाल लोमड़ी, हिमालयन मोनाल, कस्तूरी मृग, भरल आदि पाए जाते हैं।
पार्क के गेट बंद होना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके लिए इस बार 75 ट्रैप कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वन कर्मियों की टीमें चार ट्रैकों पर लंबी दूरी गश्त भी कर रही हैं। 30 नवंबर को पार्क के गेट बंद कर दिए जाएंगे।
- आरएन पांडे, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।