उसके बाद उसे उपचार के लिए के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। वहां पर भी एंबुलेंस के लिए उसे इंतजार करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शी सुभाष बडोनी ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से बरसात के दौरान सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की जा रही है।
मजदूरों को कार्य करते समय हेल्मेट व सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं। साथ ही बीआरओ की यह लापरवाही कभी भी बरसात में बड़ी घटना का कारण बन सकती है। पहाड़ी पर झूल रहे हल्के भाग को रोकने के लिए कोई उचित इंतजाम नहीं है। बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने बताया कि अभी जानकारी के अनुसार एक मजदूर घायल हुआ है। वहां पर सुरक्षा मानकों के प्रयोग के लिए कार्यदायी संस्था को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।