यमुनोत्री के शीतकालीन पुजारी आशुतोष उनियाल ने बताया कि बुधवार तड़के खरसाली गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। जबकि यमुनोत्री धाम क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के चलते यहां आधा फिट से अधिक बर्फ की चादर बिछ गई है।
मुखबा स्थित गंगा मंदिर के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के साथ ही मुखबा, हर्षिल, बगोरी, सुक्की आदि गांवों में मंगलवार देर रात से ही बर्फबारी हो रही है। जिसके साथ ही तापमान शून्य से नीचे पहुंचने के कारण हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।
मौसम के मिजाज को देखते हुए डीएम डॉ.आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को बर्फबारी से प्रभावित गांवों में दूरसंचार, विद्युत, पेयजल, यातायात आदि व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एसडीआरएफ के जवानों को तैनात करने के भी आदेश दिए हैं। ताकि आपात स्थितियों से निपटने के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को जरूरी सहायता प्रदान की जा सके।
मौसम की बदली करवट के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। जिसके चलते ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। लोखंडी क्षेत्र में भी हल्की बर्फबारी हुई हालांकि, यह बर्फ कुछ ही समय में पिघल गई।
दूर से ही बर्फ से लकदक ये चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं। वहीं बर्फबारी के चलते पूरा इलाका शीतलहर की चपेट में आ गया है। बुधवार को विकासनगर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री रहा। चकराता का अधिकतम तापमान 10 डिग्री और न्यूनतम 03 डिग्री रहा।
बुधवार को मौसम की बदली करवट के बीच देववन, खडंबा, व्यास शिखर और मोयला टॉप की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। बुधवार सुबह लोग सोकर उठे तो आसमान में काले बादल छाए हुए थे। कुछ देर बाद क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो गया।
बारिश थमने के बाद पहाड़ों पर छाए बादल छटे तो ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक नजर आने लगी। वहीं दिनभर बादल छाए रहने के कारण बाजार में कम चहल-पहल नजर आई। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने लगी।
जिसके चलते शाम ढलते ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव और अंगीठी तापते हुए नजर आए। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह हुई बर्फबारी और बारिश को देख काश्तकारों के चेहरे पर रौनक आ गई है। उधर, विकासनगर, सेलाकुई, डाकपत्थर और कालसी क्षेत्र में दिनभर काले बादल छाए रहे। जिसके चलते तापमान खासा लुढ़क गया है।