गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ गंगोत्री से मुखबा के लिए रवाना किया गया।
शीतकाल में श्रद्धालु गंगा जी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना मुखबा गांव में कर सकेंगे। अब यमुनोत्री मंदिर के कपाट भैयादूज पर शुक्रवार को और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को विधि विधान के साथ बंद होंगे।
अन्नकूट पर्व पर बृहस्पतिवार को सुबह से ही गंगोत्री धाम में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। गंगा जी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही गंगा सहस्त्रनाम पाठ किया गया। दोपहर एक बजे गंगा जी की भोग मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गंगा जी की मूर्ति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किए। सवा एक बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।