उन्होंने बताया कि इससे पूर्व छह मई को तय मुहूर्त 12.35 बजे गंगा जी की डोली यात्रा अपनी शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा से गंगोत्री के लिए रवाना होगी। रात्रि विश्राम भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर में किया जाएगा और अगले दिन तय मुहूर्त पर गंगोत्री पहुंचकर मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि कपाटोद्घाटन मौके पर मौजूद श्रद्धालु गंगा के निर्वाण दर्शन के साथ ही मंदिर के भीतर जल रही अखंड ज्योति के दर्शन का पुण्य लाभ भी अर्जित कर सकेंगे।
इस मौके पर मंदिर समिति के संयोजक हरीश सेमवाल, उपाध्यक्ष अरुण सेमवाल, सहसचिव राजेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष प्रेम वल्लभ सेमवाल, प्रवीण, रवि, अंबरीश, संजीव सेमवाल आदि मौजूद रहे। उधर, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे, लेकिन इसका शुभ मुहूर्त रामनवमी के दिन निकाला जाएगा।