अन्नकूट के पावन पर्व पर शुक्रवार को 11 बजकर 40 मिनट पर विधि-विधान के साथ गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। आर्मी बैंड के गाजे- बाजों की धुन एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की अगवाई में मां गंगा मुखबा के लिए रवाना हुई।
गोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल, तीर्थपुरोहित सुधाशुं सेमवाल ने बताया कि 11:40 पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। शनिवार को गंगा जी की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाएगा। शीतकाल में यहां आने वाले श्रद्धालु मुखबा में ही गंगा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।
वहीं शुक्रवार को गंगोत्री राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण धाम में अंतिम दर्शन को श्रद्धालु नहीं पहुंच सके।