उन्होंने कहा कि इसके अलावा सीवर ट्रीटमेंट कर उसके पानी को फसलों एवं अन्य कार्यों के लिए तैयार करने का बड़े स्तर पर काम किया और इसमें सफलता भी मिली है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय देशों में जल शोधन की आधुनिक तकनीकी है, उनके साथ मिलकर अपने देश में भी काम किया जा रहा है।
धरातल पर जाकर देखो मिल जाएंगे पौधे
नमामि गंगे के बजट से पर्यावरण संरक्षण के लिए 60 करोड़ के 50 लाख पौधे लगाए जाने के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पहले तो चौंक गए, लेकिन फिर बोले कि सवाल करने से बेहतर है कि जब धरातल पर जाओगे तो पौधे मिल जाएंगे।
चंडी घाट के निर्माण में अनियमितता सामने आने के सवाल पर बोले कि निर्माण कंपनी सात साल तक मरम्मत करने का काम करेगी। उन्होंने नमामि गंगे योजना के गंगा के घाटों के सफाई कार्य पर जांच शुरू होने की बात कही।