बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके चलते जहां अधिकारियों की बेचैनी बढने लगी, वहीं ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा।बृहस्पतिवार की सुबह अचानक गंगा का जलस्तर बढने के कारण ग्रामीणों की धड़कनें बढने लगी।
दोपहर तक यह जलस्तर बढ़कर 293.20 मीटर पहुंच गया, जबकि अधिकारियों के अनुसार 293 मीटर जलस्तर खतरे का निशान माना जाता है, हालांकि दोपहर बाद गंगा का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उपजिलाधिकारी लक्सरबथकौस्तुभ मिश्र ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा था, लेकिन अब जलस्तर घट रहा है।
लक्सर में गंगा के उफान में बृहस्पतिवार को लगभग एक किलोमीटर तटबंध ध्वस्त हो गया। इससे उत्तराखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं यूपी के कुछ गांव भी खतरे की जद में आ गए हैं।
पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा नदी का जलस्तर तीन दिन पहले उफान पर आ गया था, जिसकी वजह से रामसहायवाला गांव के समीप लगभग पांच सौ मीटर लंबा तटबन्ध कट गया था। इसकी जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग में हडकम्प मच गया था।