हरिद्वार में गंगा दशहरा का पर्व धर्मनगरी के लिए महापर्व की तरह होता है। गर्मियों में आने वाला यह महा स्नान हर बार बड़े उत्साह के साथ संपन्न होता है, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से गंगा घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा। जबकि पिछले साल गंगा दशहरा पर हरिद्वार में रिकॉर्ड भीड़ आई थी।
व्यापार मंडल के जिला महामंत्री संजीव नैयर का कहना है कि कोरोना वायरस व्यापारियों के लिए अभिशाप की तरह आया है। गंगा दशहरा हर बार शहर के लिए बड़ा मेला होता है, जिस पर्व पर व्यापारियों को काफी उम्मीद रहती है। वैसे तो जीरो जोन के चलते मुख्य बाजार क्षेत्र में व्यापारियों को कई साल से दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि बाहरी क्षेत्रों के व्यापारियों को अच्छा कारोबार होता रहा है, परंतु इस बार हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालु नहीं आए। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा।
वरिष्ठ व्यापारी नेता कैलाश केशवानी का कहना है कि कोरोना के संक्रमण के भय ने धर्मनगरी के व्यापार की कमर तोड़ दी है, इससे छोटे बड़े सभी व्यापारियों को भारी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। गंगा दशहरा पर भी शहर में सन्नाटा छाए रहने से व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
विष्णु घाट के होजरी व्यापारी डॉ. संदीप कपूर का कहना है कि हर बार गंगा दशहरा पर भारी भीड़ आने से हरिद्वार का बाजार चहकता रहता था, लेकिन इस बार व्यापारी खाली बैठे रहे। व्यापारी नेता प्रदीप कालरा के अनुसार गंगा दशहरा पर काफी उम्मीद लगी हुई थी। ऐसा लग रहा था कि लोगों के मन से कोरोना का डर निकलेगा और श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।