अरुण के चीखने चिल्लाने पर उसके साथी भी मौके पर आ गए और योगेश गुट भी एकत्र हो गया। देखते ही देखते जेल कैंपस में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट से जेल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में पहुंचे जेल अधिकारियों ने दोनों गुटों को अलग किया और घायल अरुण को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जेल में अचानक हुई इस गैंगवार से कई सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों गुटों में रंजिश बढ़ने की बात से भी इनकार नहीं कर सकते हैं। उधर, जेलर एसएम सिंह का कहना है कि जख्मी कैदी का उपचार किया जा रहा है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जेल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
बिना अधीक्षक चल रही जेल
प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण हरिद्वार जेल बिना अधीक्षक के ही चल रही है। कई माह पूर्व एडीजी जेल पीवीके प्रसाद ने जेल अधीक्षक अशोक कुमार को देहरादून अटैच कर दिया था। तभी से जेल की जिम्मेदारी जेलर एसएम सिंह ही संभाल रहे है, लेकिन जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई है।