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फर्जी अधिकारी बन किया था गैंगरेप, मिली 20 साल की सजा

Tue, 28 Feb 2017 08:39 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में आयकर विभाग का अधिकारी बनकर नौकरी के साक्षात्कार के बहाने बुलाकर युवती से गैंगरेप के आरोपी दो फर्जी इनकम टैक्स अधिकारियों को कोर्ट ने बीस- बीस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो लाख पांच रुपये प्रति व्यक्ति को अदा करने का भी आदेश दिया गया।
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15 जुलाई 2013 को डीजीपी कार्यालय के हेल्प लाइन नंबर पर एक युवती ने सूचना दी थी कि वह हरिद्वार के एक आश्रम के कमरे में छिपी है और दो युवक उसकी जान लेना चाहते हैं। सूचना पर हरकत में आई हरिद्वार पुलिस जब आश्रम में पहुंची थी तो वहां कमरे से युवती को बरामद करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा था।

आश्रम कैंपस में ही भारत सरकार का बोर्ड लगी एक कार मिली थी। युवती ने पुलिस को आपबीती बताई थी। जानकारी दी थी कि उसकी पहचान गुलाब उर्फ कुनाल पुत्र श्याम सिंह निवासी हल्लूमाजरा भगवानपुर से हुई थी। उसने खुद को इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी होना बताया था। भरोसा दिलाया था कि वह विभाग में उसकी नौकरी लगवा देगा।
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साक्षात्कार के नाम पर ही उसे हरिद्वार बुलाया था

gangrape
घटना के दिन उसने साक्षात्कार के नाम पर ही उसे हरिद्वार बुलाया था। हरिद्वार रोडवेज बस स्टैंड से उसने अपनी कार में उसे बैठा लिया था और कार में सवार रहे दूसरे व्यक्ति का परिचय मुकेश कुमार पुत्र राजेश गर्ग निवासी मोहल्ला रामनगर गोल गुरुद्वारा ज्वालापुर के तौर पर कराया था। बताया था कि वह भी विभाग में उच्च पद पर है।

आरोप था कि आश्रम में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। वह बचकर शौचालय में छिप गई  थी और डीजीपी कार्यालय में सूचना दी थी। फिर शौचालय से बाहर निकलते ही गला दबाकर उसकी जान लेने की कोशिश की थी। उस वक्त पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

स्पेशल जज पोक्सो एक्ट अंजुश्री जुयाल ने आरोपियों को गैंगरेप, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी समेत अनेक धाराओं में दोषी पाते हुए बीस बीस साल के कारावास की सजा से दंडित किया। शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह बेदी ने बताया कि आरोपियों को दो लाख पांच हजार  रुपये अर्थदंड भी अदा करने को कहा है। अर्थदंड में से एक- एक लाख रुपये पीडिता को अदा करनी होगी।  अर्थदंड अदा नहीं कर पाने पर उन्हें दस-दस महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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