गणेश चतुर्थी में चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है। कहते हैं कि गणेश चतुर्थी के दिन चांद के दर्शन करने से कलंक लगता है।
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मध्याहृन में गणेश जी का जन्म हुआ था। श्री गणेश बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता हैं। उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार गणेश उत्सव को 11 दिन तक मनाया जाता है।
उत्सव चतुर्थी से शुरू होकर चतुर्दशी तक चलता है। चार सितंबर को शाम 6.52 मिनट पर चतुर्थी शुरू हुई है जो पांच सितंबर को रात 9.12 मिनट तक रहेगी। पांच सितंबर को सुबह 8.05 से रात 9.12 मिनट तक भद्रा रहेगी, लेकिन इन दिनों भद्रा का निवास पाताल में होगा।