देहरादून। प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में होने वाली शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्ती में जमकर खेल हुआ है। देहरादून में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन के बिना ही आठ शिक्षकों और कर्मचारियों का चयन कर लिया गया है। वहीं, एक अन्य प्रकरण पौड़ी जिले का है जिसमें प्रधानाचार्य की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है।
अशासकीय स्कूलों में होने वाली नियुक्तियों में पिछले काफी समय से सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि इन विद्यालयों में काफी समय तक नियुक्तियों पर रोक रही। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए आयोग के माध्यम से इनमें भर्ती कराई जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर कमेटी भी गठित की गई थी। जिसे नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए आयोग या अन्य माध्यम से भर्ती पर निर्णय लेना था लेकिन शासन स्तर पर गठित कमेटी इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाई है। यही वजह है कि अशासकीय स्कूलों में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में एक बार फिर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामला देहरादून के श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज का है। प्रकरण में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन के बिना आठ शिक्षकों और कर्मचारियों का चयन कर लिया गया। इसी स्कूल में 2016 में हुई नियुक्ति में भी गड़बड़ी की शिकायत है। प्रकरण की शिकायत पर हुई जांच में खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर ने जो जांच रिपोर्ट दी है। उसमें कहा गया है कि नियुक्ति के समय अभ्यर्थी का बीएड का अंक पत्र संदिग्ध था। जो उस समय सहायक अध्यापक के पद के लिए निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं कर रही थी। इसके बावजूद चयन समिति ने उनका चयन कर लिया। वहीं, पौड़ी में भी पिछले दिनों एक अशासकीय स्कूल के प्रधानाचार्य को फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप में बर्खास्त किया गया है।
अशासकीय स्कूलों में फर्जी प्रमाण पत्र से कई लोग नौकरी पा रहे हैं, इस पर पूरा गिरोह काम कर रहा है, हमने मामले में एसएसपी एसटीफ और माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मिलकर प्रकरण की जांच मांग की है। -राम कंडवाल, अध्यक्ष बेरोजगार संघ
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अशासकीय स्कूलों में सीईओ के अनुमोदन के बिना किसी शिक्षक व कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकती। यदि विद्यालय अल्पसंख्यक है तो उसे केवल आरटीई में छूट है, लेकिन अनुदानित विद्यालय को नियुक्तियों में किसी तरह की छूट नहीं है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। -गोविंद राम जयसवाल, सीईओ देहरादून