बढ़ते तनाव को देखते हुए नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सीमा पर पेट्रोलिंग तेज करने के साथ ही सीमा पार की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। अलबत्ता टनकपुर और बनबसा से लगी सीमा पर दोनों ओर हालात सामान्य बताए गए हैं।
एसएसबी बीओपी के कमांडर एसआई मग सिंह ने बताया कि उच्च स्तर से सीमा पर अलर्ट रहने और हर गतिविधि पर निगरानी के आदेश मिले हैं। इसके बाद सीमा में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। सीमा पार की गतिविधियों पर भी नजर है। पुलिस प्रशासन समेत खुफिया तंत्र को भी सतर्क किया गया है। सीओ विपिन चंद्र पंत ने बताया कि कोरोना के कारण फिलहाल नेपाल सीमा सील है।
फंसे प्रवासियों की स्वदेश वापसी के लिए सिर्फ सुबह छह से 10 बजे तक ही बनबसा सीमा खोली जा रही है। इस दौरान सघन पूछताछ के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। सीओ ने बताया कि पुलिस को एसएसबी के संपर्क में रहकर सीमा पर नजर रखने को कहा गया है। अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ फंसे लोगों के लिए चार घंटे खुली है आवाजाही
नेपाल से लगी चंपावत जिले की सीमा कोरोना के चलते 23 मार्च से बंद है। जून अंतिम सप्ताह से बनबसा की ये सीमा सिर्फ दोनों देशों के फंसे लोगों की आवाजाही के लिए रोजाना चार घंटे सुबह छह से 10 बजे तक ही खुल रही है। इस दौरान सघन पूछताछ के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
बनबसा बैराज चौकी के प्रभारी गोविंद सिंह ने बताया कि शनिवार को इस सीमा से नेपाल से 22 लोग भारत को आए, जबकि 216 नेपाली लोगों अपने देश नेपाल गए। सीओ बीसी पंत ने बताया कि पुलिस को एसएसबी के संपर्क में रहकर सीमा पर नजर रखने को कहा गया है। खुफिया तंत्र को भी अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है।
झूलाघाट (पिथौरागढ़) कस्बे में बसे नेपाल और भारत के लोगों ने नेपाल के प्रधानमंत्री की शवयात्रा निकालकर उनका अंतिम संस्कार किया। सीमांत के लोगों ने प्रधानमंत्री पर राजनीतिक फायदे के लिए रोटी-बेटी के संबंध को तोड़ने का आरोप लगाया है।
महाकाली नदी के एक तरफ भारत का झूलाघाट कस्बा और दूसरी और नेपाल का जूलाघाट कस्बा है। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के यहां बेरोकटोक आते, जाते, रहते हैं। यहां के अधिकतर लोग किसी भी हाल में नेपाल की राजधानी काठमांडू में होने वाली बातों से मतलब नहीं रखते, लेकिन कुछ दिनों से नेपाल सरकार चीन के इशारे पर भारत विरोधी काम कर रही है।
इसी से गुस्साए झूलाघाट में रहने वाले दोनों देशों के लोगों ने शनिवार को कोमल चौक से सीमा पुल होकर रामलीला मैदान तक नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली की शवयात्रा निकाली। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने रामलीला मैदान के पास पुतला दहन किया।
लोगों ने कहा कि नेपाल की मौजूदा केपी ओली सरकार के निर्णयों से सीमाओं के लोगों के बीच बने रिश्तों में कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ने वाला। पुतला कार्यक्रम में संजीव जोशी, मनोज जोशी, संदीप भट्ट, गिरीश पंत, दसवीर पंत, किशोर जोशी, तिलक चंद, उमेश भट्ट, विजय भट्ट, मदन मोहन भट्ट, रमेश कलखुड़िया, लवदेव भट्ट, मदन पंगरिया, सौरव श्रेष्ठ, दीपक इजरवाल आदि रहे।