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Gallantry Awards: उत्तराखंड के लाल को मिलेगा वीरता पुरस्कार, सेना मेडल से सम्मानित होंगे मेजर प्रशांत

Fri, 27 Jan 2023 04:11 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कौसानी (बागेश्वर)

सार

मेजर प्रशांत की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कौसानी में हुई। नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत से उन्होंने कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा हासिल की। आठवीं पास करने के बाद उनका चयन सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए हुआ।
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मेजर प्रशांत भट्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में कौसानी निवासी सैन्य अधिकारी मेजर प्रशांत भट्ट को वीरता पुरस्कार सेना मेडल से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की ओर से की गई वीरता पुरस्कारों की घोषणा में उन्हें सेना मेडल के लिए चयनित किया गया है। मेजर भट्ट के पुरस्कृत होने की खबर से जिलेवासियों ने खुशी जताई है।

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पहले ही प्रयास में पास किया था एनडीए

मेजर प्रशांत की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कौसानी में हुई। नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत से उन्होंने कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा हासिल की। आठवीं पास करने के बाद उनका चयन सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए हुआ। वहां से इंटरमीडिएट पास करने के बाद पहले ही प्रयास में उनका चयन एनडीए में हुआ। चार साल का कोर्स करने के बाद वर्ष 2014 में वह भारतीय सेना के दो पैरा स्पेशल फोर्स में लेफ्टिनेंट के पद पर चुने गए।

बॉर्डर पर कई ऑपरेशनों को दे चुके अंजाम

सेवाकाल में बॉर्डर पर हुए कई सफल ऑपरेशन में उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता और साहस को देखते हुए गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कारों के लिए चयनित जाबांजों में उन्हें भी सेना मेडल के लिए चुना गया है। मेजर प्रशांत वर्तमान में महू में जूनियर कमांड का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।

दादा से मिली सेना में जाने की प्रेरणा

मेजर प्रशांत के पिता भुवन मोहन भट्ट सेवानिवृत इंजीनियर और माता किरन भट्ट गृहणी हैं। उनको सेना में जाने की प्रेरणा अपने दादा स्वर्गीय एचडी भट्ट से मिली थी। उनके दादा प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत थे, वह अपने पोतों को वीर जवानों की गाथा सुनाकर देशभक्ति का पाठ पढ़ाते थे। बचपन से वीरता की कहानियां सुनते हुए प्रशांत ने सेना को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया।

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