बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण से संबंधित जानकारी सबसे पहले साझा की गई। कहा गया कि भाजपा सरकार ने पहली बार भराड़ीसैंण में राज्यपाल का अभिभाषण कराकर स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह गैरसैंण राजधानी के सवाल पर क्या सोचती है। बैठक में कहा गया कि गैरसैंण पर भले ही कांग्रेस खुद हल्ला मचाती हो, लेकिन उसका रुख आज भी अस्पष्ट है। ऐसे में उसे कुछ भी कहने का कोई हक नहीं है।
महाराज ने साधे हरीश रावत सरकार पर निशाने
कांग्रेस में रहते हुए सबसे पहले गैरसैंण राजधानी के मसले को उठाने वाले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को हरीश रावत सरकार पर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में जिस तरह से विधान भवन तैयार किया गया है, उसमें कहीं से पर्वतीय झलक देखने के लिए नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि उनके स्तर पर सरकार से कहा गया था कि इसमें केदारनाथ और तमाम अन्य स्थानों के चित्र होने चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया गया।