गैरसैंण को राजधानी बनाने की पहेली बेशक न सुलझे लेकिन इस पर सियासत करने में कोई पीछे नहीं है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावना से जुड़े इस केंद्र में प्रदेश सरकार विधानसभा का सत्र करके लौट आई है और अब केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु गैरसैंण का रुख करने जा रहे हैं।
मगर प्रभु की गैरसैंण जाने की माया इसलिए समझ नहीं आ रही क्योंकि वे वहां से हरिद्वार-देहरादून रेल ट्रैक के विद्युतीकरण योजना को देश के नाम समर्पित करेंगे। साथ ही उनकी वहां कुछ रेल योजनाओं का शिलान्यास करने की भी योजना है।
इलेक्शन इयर में गैरसैंण सियासी दलों के लिए कुछ ज्यादा ही ‘स्पेशल’ हो गया है।
केंद्रीय रेलमंत्री का गैरसैंण जाने का कार्यक्रम तय हो चुका है। रेलमंत्री 24 नवंबर को गैरसैंण पहुंचेंगे। पहले इसी दिन से प्रदेश कांग्रेस भी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र की सतत विकास यात्रा का आगाज करने जा रही थी। लेकिन उसने ऐन वक्त पर कार्यक्रम एक दिन आगे खिसका दिया। ऐसी दूसरी बार है जब किसी केंद्रीय नेता के दौरे से पहले अपना कार्यक्रम बदला।
दून में अमित शाह की रैली से पूर्व भी कांग्रेस ने अपना कार्यक्रम रद कर दिया था। बहरहाल, उत्तर रेलवे के महाप्रंबधक एके पूठिया ने रेलमंत्री के इस कार्यक्रम में कर्णप्रयाग के विधायक व विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. अनसुइया प्रसाद मैखुरी को भी आमंत्रित किया है।
उन्हें भेजे गए इस पत्र के मुताबिक, रेलमंत्री गैरसैंण में हरिद्वार-देहरादून रेल सेक्शन के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उनका वहां रेलवे से संबंधित कई परियोजनाओं के शिलान्यास एवं रेलयात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए योजनाओं का शुभारंभ करने का भी कार्यक्रम है।
आसन्न विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रभु की इस गैरसैंण यात्रा के सियासी मायने टटोले जा रहे हैं। सियासी जानकारों की मानें तो गैरसैंण में विधानमंडल भवन, विधायक आवास बनाने का श्रेय लूट रही कांग्रेस के जवाब में वहां प्रभु का कार्यक्रम बनाया गया है।
प्रभु की इस माया को भाजपा अच्छे से जानती है। ऐसी संभावना है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के बहाने सुरेश प्रभु गैरसैंण में कुछ ऐसी घोषणाएं कर सकते हैं जिनके जरिए भाजपा इलेक्शन कंपेन में कांग्रेस को काउंटर कर सकेगी। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कहना है कि अच्छी बात है कि प्रभु गैरसैंण आ रहे हैं। उम्मीद है कि वह गैरसैंण तक रेल योजना के विस्तार की घोषणा करेंगे। वरना भाषण देने के लिए आ रहे हैं तो वह अलग बात है।