देहरादून। उत्तराखंड को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 2332 आवासों के लिए बजट मिलने के बाद अब निकायों में आवंटन किया जा रहा है। वहीं, शहरी विकास विभाग ने अब 2500 नए आवासों का प्रस्ताव केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दिया है।
पीएम आवास योजना के तहत उत्तराखंड की प्रगति लगातार सामने आ रही है। फरवरी में केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य को 2332 आवासों के लिए बजट जारी कर दिया था। साथ ही अप्रैल में मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत बड़ी राहत दी थी। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उपयोग न हो पाई या लैप्स हो चुकी धनराशि को पुनः मान्य करते हुए 12.49 करोड़ 74 हजार रुपये जारी करने की मंजूरी दे दी थी। इस तरह शहरी विकास निदेशालय ने बजट को निकायों को आवंटित कर दिया था। निकायों के स्तर से अब निर्माण के लिए बजट का आवंटन किया जा रहा है।
शहरी विकास निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब प्रदेशभर के सभी निकायों से जियो टैगिंग आदि सभी औपचारिकताएं और निकायों के स्तर से सत्यापन के बाद 2500 आवासों का प्रस्ताव आया था। निदेशालय ने प्रस्ताव केंद्र को बढ़ा दिया है। अब केंद्र से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
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फंड का दुरुपयोग किया तो ब्याज सहित लौटाना होगा
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम आवास 2.0 के दिशा-निर्देश भी कड़े किए हैं। राज्य को पैसा एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से दिया जा रहा है। राज्य सरकार को बीएलसी घटक के तहत बनने वाले सभी घरों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करनी होगी। निर्माण कार्य स्वीकृति मिलने की तारीख से 12 से 18 महीने के भीतर पूरा करना होगा। घर पूरा होने से पहले क्षेत्र में सभी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। फंड का उपयोग केवल निर्धारित लाभार्थियों के लिए ही किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार की कोताही या नियमों के उल्लंघन पर ब्याज सहित राशि लौटानी होगी। सभी गतिविधियों के लिए यूनिफाइड वेब पोर्टल का उपयोग अनिवार्य है। राज्य को अपना अलग एमआईएस सिस्टम बनाने की अनुमति नहीं है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को योजना के तहत अपना तय मैचिंग शेयर भी समय पर रिलीज करना होगा। फंड की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने ऑडिट और निरीक्षण के अधिकार सुरक्षित रखे हैं।