उत्तराखंड में भविष्य में आपदा की स्थिति में फंसे लोगों की जान अब फल बचाएंगे। जून में जलप्रलय के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत भूख-प्यास के कारण हुई।
जंगलों में फंसे लोगों को कुछ खाने को नहीं मिला। इससे सबक लेते हुए वन विभाग ने जंगलों में पौधरोपण की नीति में बदलाव किया है। इसके तहत प्रदेशभर में डेढ़ लाख फलदार पौधे रोपे जाएंगे।
पौधे इस तरह लगाए जाएंगे कि हर मौसम में फलों की उपलब्धता बनी रहे। इससे दो-तीन दिन तक ग्रामीणों को भोजन की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा। इस काम में तकनीकी संस्थानों की मदद भी ली जाएगी। इससे यह भी लाभ होगा कि वन्यजीव जंगलों से बाहर नहीं आएंगे।
ये फल लगाए जाएंगे
काफल, आंवला, चिरौंजी, बुरांस, आम, अमरूद
वर्किंग प्लान भी आपदा के अनुसार
वन विभाग अब प्रदेश के विभिन्न वन प्रभागों का वर्किंग प्लान भी आपदा को ध्यान में रखकर बनाएगा। किस डिवीजन में किस तरह की आपदाएं आ सकती हैं और उनसे निपटने के लिए किस तरह के पौधे लगाए जाने चाहिए। इन सभी बिंदुओं का अध्ययन करने के बाद ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रदेश के जंगलों पर आज भी बड़ी आबादी निर्भर है। इसे ध्यान में रखकर फलदार पेड़ लगाने शुरू किए गए हैं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में ग्रामीणों को लाभ मिल सके।
- डा. आरबीएस रावत, प्रमुख वन संरक्षक
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें