आरोप है कि इस दौरान स्कूल के गेट बंद कर ताले लगा दिए गए और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अब सोशल मीडिया पर सामने आ रहे पुराने आरोपों और शिक्षक को अन्य स्कूलों से हटाए जाने के दावों ने प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। इन दावों की सच्चाई और शिकायतों के संबंध में संबंधित स्कूलों की भूमिका जांच का विषय हो सकती है। फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच और सामने आ रहे तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
छात्र-छात्राओं ने साझा की आपबीती
एक छात्रा ने इंस्टाग्राम में टिप्पणी की कि 2014 में इसी आरोपी शिक्षक को एक अकादमी से निकाला गया था। उस छात्रा ने खुद इस शिक्षक के गलत व्यवहार की शिकायत प्रबंधन से की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रबंधन ने इसे नौकरी से हटा दिया था। 2005 में राजधानी के एक स्कूल में अध्ययन कर चुकी युवती ने लिखा कि यही आरोपी शिक्षक वहां भी इस तरह की हरकत कर चुका है। जिस स्कूल में ताजा घटनाक्रम हुआ है वहां की एक छात्रा ने आपबीती साझा करते हुए लिखा कि स्कूल प्रबंधन के उच्च पदस्थ लोगों की मानसिकता पहले भी खराब रही है। लड़कियों के बारे में उनकी टिप्पणियां दुखी करने वाली रही हैं।