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रुड़की : अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ रिश्तों की डोर टूटने से बचा रही मित्र पुलिस

Thu, 08 Oct 2020 12:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ मित्र पुलिस टूटने के कगार पर पहुंच चुकी दांपत्य की डोर को भी बचाने का काम कर रही है। इंस्पेक्टर मनोज मैैनवाल की ओर से शुरू की गई यह मुहिम धीरे-धीरे रंग ला रही है।

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इंस्पेक्टर खुद ऐसे दंपतियों के घर जाकर उनसे बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं। इसके बाद दंपती साथ रहने को राजी हो रहे हैं। इंस्पेक्टर की इस मुहिम की पुलिस अधिकारी भी प्रशंसा कर रहे हैं। पांच दंपतियों की काउंसिलिंग कर वह रिश्ता टूटने से बचा चुके हैं।

आज की जिंदगी की भागदौड़ का सबसे अधिक असर दांपत्य जीवन पर पड़ रहा है। इस भागदौड़ के बीच सोशल मीडिया ने दांपत्य जीवन में और गहरी खाई खोद दी है। इसके चलते दांपत्य जीवन की डोर कमजोर हो रही है। ऐसे कई मामले रोजाना पुलिस के पास पहुंचते हैं, जिनमें पति और पत्नी साथ रहने से इनकार रहे हैं।
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ऐसे में गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने दांपत्य जीवन की डोर को टूटने से बचाने के लिए नई मुहिम शुरू की। कोतवाली का चार्ज संभालने के बाद उन्होंने ऐसे दंपतियों की सूची तैयार की जो अलग-अलग रह रहे हैं। इसके बाद वह खुद इन दंपतियों के घर पहुंचे और बातचीत की। इंस्पेक्टर की मुहिम रंग लाई और पिछले पांच से दस सालों से अलग रहे पांच दंपतियों को मिलवाया।

अब पांचों दंपती खुशी खुशी साथ रह रहे हैं। इंस्पेक्टर मनोज मैनवाल बताते हैं कि इस मुहिम को शुरू करने पीछे का मकसद दांपत्य जीवन को जोड़ना है। दंपती के बीच विवाद का गहरा असर बच्चों पर भी पड़ता है। उनके सामने ऐसे कई मामले आए, जिनमें दंपती के साथ-साथ बच्चे भी अलग हो गए। इसलिए उन्होंने इस मुहिम की शुुरुआत की है।

बुजुर्गों का भी रखते हैं विशेष ध्यान

इंस्पेक्टर मनोज मैनवाल क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखते हैं। हर रविवार को वह क्षेत्र में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के पास जाते हैं और उनका हालचाल जानते हैं। उन्हें दवाएं, खाने, पीने की चीजें और आर्थिक सहायता मुहैया कराते हैं। इसके अलावा उन्होंने बुजुर्गों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया है। किसी भी समय कोई समस्या होने पर वे सीधे इंस्पेक्टर को कॉल करते हैं।

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