हालांकि कर्मचारी राज्य बीमा, केंद्रीय कार्मिकों के लिए मान्य बीमा, ईसीएचएस में चिकित्सा लाभ लेने वाले कार्मिक आयुष्मान योजना में कवर नहीं होंगे। लाभार्थियों की पहचान के लिए वर्ष 2012 की मतदाता सूची, राशन कार्ड से भी डाटा तैयार किया जाएगा।
आयुष्मान योजना में 1350 पैकेज दरें चयनित
अटल आयुष्मान योजना में कुल 1350 पैकेज दरें चयनित की गई। इसमें ह्दय रोग से संबंधित 130 पैकेज, नेत्र रोग के 42, ईएनटी के 94, हड्डी रोग के 114, मूत्र रोग के 161, महिला रोग के 73, शल्य रोग के 253, न्यूरो सर्जरी, न्यूरो रेडियोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी, जलने के 115, दंत रोग के 9, बाल रोग के 156, मेडिकल के 70, कैंसर के 112 व अन्य 21 पैकेज दरों को योजना में शामिल किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों के चिकित्सालयों में निर्धारित पैकेज दर में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर प्रतिपूर्ति की जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना 2018
योजना की मॉनीटरिंग के लिए बनेगी द्विस्तरीय समिति
योजना को ट्रस्ट मोड़ पर चलाने करने के लिए सोसायटी का पंजीकरण कराया जाएगा। सोसायटी के संचालन को द्विस्तरीय समिति गठित होगी। योजना के क्रियान्वयन में दिशा निर्देश के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गर्वनिंग बॉडी शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी। जबकि कार्यकारिणी समिति योजना का संचालन सुनिश्चित करेगी। सोसायटी की ओर से योजना राज्य हेल्थ एजेंसी(एसएचए) के सहयोग से चलाई जाएगी।
आयुष्मान मित्रों की होगी तैनाती
योजना के लिए राजकीय चिकित्सालयों में आयुष्मान मित्रों को तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य काम योजना के तहत भर्ती मरीजों का सहयोग व क्लेम प्रक्रिया में मदद करना होगा। आयुष्मान मित्रों को प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मरीज की क्लेम प्रक्रिया पूरी करने पर 50 रुपये प्रति मरीज प्रोत्साहन अलग से मिलेगा। प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, उप जिला चिकित्सालय, बेस चिकित्सालय, संयुक्त चिकित्सालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी स्तर पर आयुष्मान मित्र रखे जाएंगे।