तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने कारोबार के नाम पर उनके बैंक खाते और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में वर्ष 2025 के आसपास उनके नाम से आईएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खुलवाया गया। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने खाते की जानकारी के साथ लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी हासिल कर लिए।
कुछ समय बाद बैंक खाता फ्रीज होने पर अविरल ने बैंक से संपर्क किया। वहां उन्हें बताया गया कि खाते में संदिग्ध लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी से संबंधित धनराशि के कारण यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने समर और माइक से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
बाद में आरोपियों ने टेलीग्राम पर बातचीत बंद कर उन्हें ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम आईडी, लिंक, एप और बैंक खाते में हुए लेन-देन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शहर कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।