उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट(यूएपीएमटी 2013) में पकड़े गए फर्जी छात्रों के रैकेट के तार हरिद्वार तक पहुंच रहे हैं।
हालांकि पुलिस को प्राथमिक पूछताछ में ज्यादा तथ्य हाथ नहीं लगे लेकिन पकड़े गए छात्रों का इशारा हरिद्वार की ओर है। हरिद्वार और दून के कोचिंग संस्थानों में भी इस रैकेट ने मेधावियों को बरगलाने की कोशिश की थी।
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रविवार को पकड़े गए थे छात्र
रविवार को जीबी पंत विवि की ओर से आयोजित यूएपीएमटी परीक्षा में 16 छात्र-छात्राएं दूसरे छात्रों के नाम पर परीक्षा देते पकड़े गए थे।
इन छात्रों से पुलिस ने जब पूछताछ की तो सबने अलग-अलग कहानी बताई लेकिन सबकी कहानी का अंत एक ही जगह हो रहा था।
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हरिद्वार में हो सकता है सरगना
हरिद्वार व आसपास के कई छात्रों के साथ दलालों ने यह सौदेबाजी की थी। पुलिस मानकर चल रही है कि रैकेट का सरगना हरिद्वार का हो सकता है।
हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया है। पकड़ी गई छात्रा ने पूछताछ में बताया है कि वह हरिद्वार निवासी रुखसार की जगह पर परीक्षा दे रही थी।
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मेधावी बनते हैं निशाना
हरिद्वार के ऐसे सात छात्र सामने आ रहे हैं, जिनके बदले में यह फर्जी छात्र परीक्षा दे रहे थे। इनमें एक असली छात्र ऋषिकेश और एक देहरादून का भी है।
ऐसे में यह बात तो साफ है कि रैकेट और इसका सरगना देहरादून, हरिद्वार व ऋषिकेश के आसपास अपने ग्राहकों की तलाश करते हैं और पूर्वी व केंद्रीय उत्तर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों के मेधावियों को निशाना बनाते हैं।
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दून व हरिद्वार के कोचिंग संस्थानों पर भी नजर
रैकेट के सरगनाओं की नजर पहले दून और हरिद्वार के कोचिंग संस्थानों पर ही थी लेकिन यहां वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। कई कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके पास ऐसे ऑफर आए थे कि वह महज तीन घंटे में 50 हजार से एक लाख रुपये कमा सकते हैं।