देहरादून। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि बेचने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के मामले में एसआईटी जांच के बाद रायपुर, पटेलनगर और शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
नेहरू कॉलोनी निवासी नीलम चौहान ने रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अनिल खंडूड़ी से 12 जुलाई 2017 में एक भूमि खरीदी थी। रजिस्ट्री के बाद 14 लाख 95 हजार रुपये का भुगतान कर दिया था। भूमि की चारदीवारी कराने के दौरान कुछ लोगों ने गाली-गलौज करते हुए वहां से भगा दिया। खंडूड़ी पर कब्जा दिलाने का दबाव बनाया तो वो आनाकानी करने लगा। इस जमीन को लेकर खंडूरी का विवाद का चल रहा था। आरोप है कि खंडूड़ी ने रुपये ऐंठने को लेकर फर्जी तरीके से बैनामा किया था। एसआईटी जांच के बाद रायपुर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
रायपुर थाने में ही अनिल खंडूड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी का दूसरा मुकदमा सते सिंह निवासी धावकी (पौड़ी) ने कराया है। आरोप है कि अनिल खंडूड़ी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पूर्व में बेची गई जमीन को बैनामा करके मोटी रकम हड़प ली। विरोध करने घर गए तो मां का कहना था कि अनिल खंडूड़ी को उन्होंने घर से बेदखल कर रखा है। आरोपी का मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।
तीसरा मुकदमा दरबार साहिब की जमीन फर्जी तरीके से बेचने के आरोप में हुआ है। राजपुर रोड निवासी जगदीश चौहान ने पटेलनगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अभिषेक पुंडीर निवासी प्लेजेंट वैली ने देहराखास स्थित दरबार साहिब की जमीन का सौदा एक करोड़ 25 लाख रुपये में हुआ था। पुंडीर का कहना था कि उसके दोस्त सरनदीप सिंह निवासी पार्क रोड ने जमीन का सौदा मूल स्वामी महंत देवेंद्र दास से किया हुआ है। जाली अधिकार पत्र भी उन्हें उपलब्ध कराया गया है। आरोप है कि दोनों लोगाें ने उनसे 71 लाख रुपये ठग लिए। जमीन का सीमांकन न कराने पर शक हुआ। जांच पड़ताल में पता चला कि अधिकार पत्र फर्जी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। एक अन्य मुकदमा अधिवक्ता पूजा सुमन की तरफ से शहर कोतवाली में कराया गया है। आरोप लगाया कि गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी आशीष राठौर ने प्लाट बेचने के नाम पर दो लाख रुपये ठग लिए। रकम मांगने पर आरोपी ने व्हाट्स एप पर अश्लील संदेश दिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।