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पोल खुली तो डीएम ने दिए जांच के आदेश

Sat, 19 Apr 2014 12:19 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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जिले में आपदा राहत के नाम पर की गई करोड़ों की बंदरबांट के मामले में डीएम ने जांच का आदेश दे दिया है। सीडीओ को रिपोर्ट दस दिन में सौंपने के लिए कहा गया है।
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जून 2013 में आई आपदा के बाद जिले को दैवी आपदा मद में तीन करोड़ 35 लाख रुपये मिले थे। इसमें से दो करोड़ 96 लाख 51 हजार 193 रुपये राहत के नाम पर बांटे गए लेकिन असल प्रभावितों को छोड़ यह रकम चहेतों को दी गई।

पूरे जिले में पार्षदों और विधायकों के अनुमोदन पर चेक वितरण किया गया। आरटीआई में आपदा प्रभावितों की सूची मांगी गई तो पता चला कि मुआवजा पाने वालों में अधिकतर आपदा प्रभावित थे ही नहीं। वहीं, कुछ जगह किरायेदार प्रभावित हुए लेकिन मुआवजा मकान मालिकों को मिला।
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जबकि शासनादेश में यह व्यवस्था है कि यदि किरायेदार प्रभावित हों तो राशि उन्हें ही मिलेगी। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने बंदरबांट का खुलासा किया। इससे प्रशासन में खलबली रही। खबर का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पांडे को जांच का आदेश दे दिया।

चेक एक, नाम अलग-अलग
केस 1
जिले में आपदा प्रभावितों को दी गई राहत राशि की सूची में माजरा निवासी प्रीतम का नाम दर्ज है। प्रीतम को चेक संख्या 927651 से 2700 रुपये दिए जाने की जानकारी सूची में है। भारूवाला निवासी प्रेम सिंह का नाम भी सूची में है। उन्हें 5300 रुपये राहत राशि मिली है, लेकिन चेक का नंबर 927651 ही है।

केस 2
दून के संजय कालोनी निवासी कुमारी सीमा और मसूरी में कुमारी मुस्कान के नाम से क्रमश: 4000 और 30000 रुपये के चेक दिए जाने की बात सूची में दर्ज है। दोनों नाबालिग हैं, जबकि दोनों के अभिभावक भी जीवित हैं।

किस जिले के हैं प्रभावित
आरटीआई के तहत उपलब्ध कराई गई सूची में दून में दस प्रभावितों को आपदा राहत के नाम पर 70 लाख रुपये दिए गए हैं। कुआंवाला निवासी रईसुद्दीन को पांच लाख रुपये मिले हैं।

वहीं आशा देवी को पांच-पांच लाख रुपये के चार चेक के रूप के रूप में कुल 20 लाख रुपये दिए गए हैं। रईसुद्दीन को छोड़ बड़ी राशि लेने वाले बाकी प्रभावितों के पते दर्ज नहीं हैं।

तहसील सूत्र बताते हैं कि जिले से बाहर के कुछ आपदा प्रभावितों को भी दून में राहत राशि के चेक दिए गए। लेकिन कौन किस जिले का है, किसी को मालूम नहीं।

छोटी धनराशि के वितरण में कुछ गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन बड़ी राहत राशि पर गड़बड़ी संभव नहीं है। आशा देवी को चार चेक इसलिए मिले होंगे कि परिवार के चार व्यक्तियों की आपदा में मौत हो गई हो। लेकिन यह महिला किस जिले की है, मुझे जानकारी नहीं।
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-सीपी उनियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, तहसील सदर
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