शहर के एक कार शोरूम संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि संचालक ने व्यक्ति को कार बेची और फिर रजिस्ट्रेशन के रुपये भी ले लिए, लेकिन 11 माह बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। पुलिस के अनुसार इस तरह की अन्य शिकायतें भी मिली हैं।
पटेलनगर पुलिस के अनुसार कार धोखाधड़ी को लेकर प्रिया मलिक निवासी चकराता रोड ने तहरीर दी। कहा कि उन्होंने 31 अगस्त 2020 को रेपिड कार खरीदी थी। कार की कुल कीमत 11.20 लाख रुपये तय हुई। इसमें 9.40 लाख रुपये का उन्होंने लोन कराया। कुछ नगद देने के साथ ही शेष रकम का दो महीने बाद भुगतान का चेक दिया। आरोप है कि शोरूम संचालक ने समय से पहले चेक लगवा दिए और नोटिस जारी कर दिया। इस पर पीड़िता की ओर से पूरी रकम चुका दी गई। इसके बाद गाड़ी का पंजीकरण सर्टिफिकेट मांगा।
पंजीकरण में देरी होने की बात कहते हुए आरटीओ में जमा कराने के लिए 40 हजार रुपये पेनाल्टी मांगी। इसके 11 महीने बीतने के बाद पीड़िता की कार का पंजीकरण शोरूम संचालक ने नहीं कराया। पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई को कहा तो उसने अपनी ऊंची पहुंच की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर शोरूम संचालक कनिष्क खन्ना और सेल्समैन पंकज त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।