केदारनाथ आपदा के बाद मुआवजा पाने को किस कदर फर्जीवाड़ा हुआ है, अब इसकी कलई भी खुल रही है। प्रभावित व्यापारियों की सूची पर नजर डालें तो ऐसे कई नाम दिखते हैं।
बाप होटल का मालिक है तो उसी होटल में बेटा वेटर। एक भाई एक होटल का मालिक, तो दूसरा वेटर। दूसरे स्थान में यह क्रम बदल जाता है।
दूसरी जगह वेटर भाई मालिक और मालिक भाई वेटर दिखाया गया है। नामों में थोड़ा फेरबदल कर एक ही नाम को दो लोगों के नाम सूची में नाम चढ़ाए गए हैं। संयुक्त व्यापार संघ श्री केदारनाथ क्षेत्र की सूची में ऐसे कई लोगों के नाम हैं।
केदारनाथ जलप्रलय के बाद शासन ने संयुक्त व्यापार संघ के स्व मूल्यांकन के आधार पर प्रभावित व्यापारियों को आपदा में नष्ट हुई सामग्री का मुआवजा वितरित किया था।
प्रदेश सरकार ने व्यापारियों पर भरोसा किया, लेकिन कतिपय व्यापारियों ने इसका फायदा स्वयं और अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया। एक ही व्यक्ति द्वारा दो बार से अधिक मुआवजा लेने के प्रमाण तहसीलों में जमा दस्तावेज हैं।
जिसमें संबंधित बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करने का उल्लेख है। धनराशि ट्रांसफर करते समय तहसील प्रशासन ने यह जानने की कोशिश नहीं की, कि जिन खातों में एक से अधिक बार रकम जा रही है, उनकी सत्यता परख ली जाए।
वहीं मुआवजा वितरण में घपला होने पर कुछ व्यापारियों ने डर के मारे अपने चेक नहीं लिए।
ये है तीन कहानियां
केस 1:
दीपक सिंह पुत्र प्रेम सिंह निवासी लमगौंडी। इनके केदारनाथ और रामबाड़ा में होटल हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि इनका नाम रामबाड़ा में वेटर की सूची में भी दर्ज है।
केस 2:
आशीष सजवाण के पिता और भाई के केदारनाथ और रामबाड़ा में होटल थे। मां के नाम गौरीकुंड में 26 लाख रुपये का नुकसान दिखाया गया। इसके बावजूद उसे केदारनाथ में वेटर के रूप में दर्शाया गया है।
केस 3:
लक्ष्मण सिंह राणा पुत्र रघुवीर सिंह निवासी। अंजली गिफ्ट सेंटर विजयनगर। एलएस राणा पुत्र नामालूम। अंजली गिफ्ट हाउस विजयनगर। एक ही सूची में दो जगह नाम। दुकान स्वामी और दुकान के नाम पर थोड़ा सा फेरबदल किया गया है।
जिलाधिकारी की ओर से ऐसे प्रकरणों की जांच एसडीएम से करवाई जा रही है। डुप्लीकेसी का मामला आने पर धनराशि की वसूल की जाएगी।-राहुल गोयल, एडीएम रुद्रप्रयाग
गलती से किसी का नाम दोबारा चढ़ गया होगा। अलबत्ता ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।- शंकर प्रसाद बगवाड़ी, संरक्षक संयुक्त व्यापार संघ केदारनाथ क्षेत्र कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। जिस व्यापारी ने शपथपत्र के साथ अपनी पत्रावलियां प्रस्तुत की। उनका नाम सूची में चढ़ाया गया।- देवी प्रसाद गोस्वामी, उपाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ केदारनाथ क्षेत्र