बैंककर्मियों की मिलीभगत से एक महिला के नाम पर 45 लाख रुपए का लोन ले लिया गया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बलविन्दर कौर पत्नी स्वर्गीय परमजीत सिंह निवासी पार्क रोड ने इस संबंध में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। बलविन्दर ने बताया कि इन्दिरा देवी रौथाण पत्नी महावीर सिंह रौथाण निवासी कृष्णा विहार, आर्यपुरी मुजफ्फरनगर और अन्य लोगों ने बैंक मैनेजर के साथ सांठगांठ कर उनकी संपत्ति की मूल रजिस्ट्री हासिल की। इस संपत्ति के आधार पर फर्जी तरीके से उनके नाम पर लोन के लिए आवेदन किया गया। बैंक मैनेजर और एक अन्य बैंककर्मी ज्ञानेश गुप्ता ने लोन के कागजों में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
इस तरह से धोखाधड़ी कर इन्दिरा देवी रौथाण ने बलविन्दर की संपत्ति पर 45.76 लाख रुपए लोन स्वीकृत करा लिया। इसका पता उन्हें तब लगा जब बैंक से रिकवरी नोटिस मिला। बलविन्दर ने कहा कि आरोपी अब उसे जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। यही नहीं बैंक ने बलविन्दर की संपत्ति को 25 तारीख की नीलामी के लिए नोटिस प्रकाशित किया है। बलविन्दर ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और मूल रजिस्ट्री वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इन्दिरा देवी, बैंक कर्मी ज्ञानेश गुप्ता और हसनैन आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।